police constable exam 2019: अंडर ट्रेनिंग महिला सिपाहियों से जानिए कैसे करनी चाहिए पुलिस भर्ती शारीरिक परीक्षा की तैयारी


गोरखपुर पुलिस लाइन के रिक्रूट टेनिंग सेंटर (आरटीसी) में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 261 प्रशिक्षु महिला सिपाही ट्रेनिंग ले रही हैं। 'लाइव हिन्दुस्तान' ने इन महिला सिपाहियों और उन्हें ट्रेनिंग देने वालों से एक मेजर राकेश कुमार साहनी से नए अभ्यर्थियों के लिए टिप्स लिए।
मेजर राकेश कुमार साहनी ने कहा कि सिपाही भर्ती शारीरिक परीक्षा की तैयारी में माता-पिता, परिवार के अन्य सदस्यों या दोस्तों-शुभचिंतकों का सहयोग भी काफी मायने रखता है। यह मनोबल को ऊंचा रखने और सही मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि चूंकि  पुलिस में सिपाहियों को एक से बढ़कर एक मुश्किल हालात का सीधा सामना करना होता है इसलिए उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग भी उसी स्तर की होती है। इसमें सफलता वही हासिल कर पाएगा जो पूरी मेहनत, लगन, समयबद्धता के साथ निरंतर प्रैक्टिस में जुटा रहेगा। 


UP Police Constable 2019 | समयबद्धता, सही खानपान और कड़ी मेहनत से मिलेगी सफलता


प्रैक्टिस कैसे करें, कितनी देर करें और किन-किन बातों का ख्याल रखें इसके लिए प्रशिक्षु सिपाहियों के पास अलग-अलग टिप्स हैं। बाराबंकी की मोहिनी वर्मा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि दौड़ की प्रैक्टिस 15-20 मिनट से शुरू करनी चाहिए। रायबरेली की चांदनी शर्मा ने बताया कि शुरू में बहुत ज्यादा रनिंग नहीं करनी चाहिए। शुरुआत धीरे-धीरे दौड़ते हुए करनी चाहिए। स्पीड बाद में बढ़ानी चाहिए। कुछ दिनों के अभ्यास से 14 मिनट में 2400 मीटर की दूरी पार करना आसान लगने लगेगा। यदि शुरू में ही तेज प्रैक्टिस शुरू कर दी तो पैरों पर असर पड़ सकता है। 


ड्राई फ्रूट्स लें, खुद का ख्याल रखें
चांदनी ने ड्राई फ्रूट्स, ग्लूकोज आदि का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया। साथ ही कहा कि प्रैक्टिस के दौरान खुद का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। ध्यान रखना चाहिए कि कहीं असली परीक्षा से पहले आपके पैरों में सूजन, दर्द आदि न हो जाए। 


टाइम मैनेजमेंट करें
प्रतापगढ़ की अंशिका यादव ने कहा कि रनिंग में निरंतरता के साथ-साथ टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। स्टॉप वॉच लगाकर प्रैक्टिस करनी चाहिए। अंशिका बताती है कि अभ्यास करते-करते एक समय ऐसा आया जब वह 13 मिनट में 2400 दौड़ने लगीं। उन्होंने कहा कि शुरू में धीरे दौड़ने और बाद में स्पीड बढ़ाने की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि आपकी उर्जा अंतिम राउंड के लिए बची रहे। 


अचानक तेज दौड़ने से हो सकती है दिक्कत
पूजा ने बताया कि दौड़ में अचानक या जल्दीबाजी के चक्कर में सांस फूलना और पैर में दर्द जैसी परेशानी हो सकती है। उन्होंने तो 6 से 7 महीने पहले ही दौड़ने का अभ्यास शुरू कर दिया था। जिनका रिजल्ट आ गया है उन्हें अब देर नहीं करनी चाहिए। नियमित अभ्यास शुरू कर देना चाहिए। सुबह-शाम दोनों वक्त